|| श्री गणेशदत्तगुरुभ्यो नमः ||


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श्रीदत्तगुरूकरूणाष्ट्कम्

दत्तात्रेया तव शरणम्
दत्तनाथा तव शरणम् ।।
त्रिगुणात्मका त्रिगुणातीता त्रिभुवनपालक तव शरणम् ।।१।।

शाश्वतमूर्ते तव शरणम्
श्यामसुंदरा तव शरणम् ।।
शेषाभरणा शेषभूषणा शेषशायी गुरु तव शरणम् ।।२।।

षड्भुजमूर्ते तव शरणम्
षड्भुज यतिवर तव शरणम् ।।
दंडकमण्डलू गदापद्मकर शंखचक्रधर तव शरणम् ।।३।।

करुणानिधे तव शरणम्
करुणासागरा तव शरणम् ।।
श्रीपादश्रीवल्लभ गुरुवर, नृसिंहसरस्वती तव शरणम् ।।४।।

श्रीगुरुनाथा तव शरणम्
सद्गुरूनाथा तव शरणम् ।।
कृष्णासंगमी तरुतलवासी भक्तवत्सला तव शरणम् ।।५।।

कृपामुर्ते तव शरणम्
कृपासागरा तव शरणम् ।।
कृपाकटाक्षा कृपावलोकना कृपानिधे प्रभु तव शरणम् ।।६।।

कालांतका तव शरणम्
कालनाशका तव शरणम् ।।
पूर्णानंदा पूर्णपरेशा पुराणपुरुषा तव शरणम् ।।७।।

जगदीशा तव शरणम्
जगन्नाथा तव शरणम् ।।
जगत्पालका जगदाधीशा, जगदोद्धारा तव शरणम् ।।८।।

अखिलांतरा तव शरणम्
अखिलैश्वर्या तव शरणम् ।।
भक्तप्रिया वज्रपंजरा प्रसन्नवक्त्रा तव शरणम् ।।९।।

दिगंबरा तव शरणम्
दीनदयाघन तव शरणम् ।।
दीनानाथा, दीनदयाळा, दिनोद्धारा तव शरणम् ।।१०।।

तपोमूर्ते तव शरणम्
तेजोराशी तव शरणम् ।।
ब्रम्हानंदा ब्रह्मसनातन, ब्रह्ममोहना तव शरणम् ।।११।।

विश्वात्मका तव शरणम्
विश्वरक्षका तव शरणम् ।।
विश्वंभरा विश्वजीवना  विश्वपरात्पर तव शरणम् ।।१२।।

विघ्नांतका तव शरणम्
विघ्ननाशका तव शरणम् ।।
प्रणवातीता प्रेमवर्धना  प्रकाशमुर्ते तव शरणम् ।।१३।।

निजानंदा तव शरणम्
निजपददायका तव शरणम् ।।
नित्य निरंजन निराकारा  निराधारा तव शरणम् ।।१४।।

चिद्घनमुर्ते तव शरणम्
चिदाकारा तव शरणम् ।।
चिदात्मरूपा चिदानंदा  चित्सुखकंदा तव शरणम् ।।१५।।

अनादिमुर्ते तव शरणम्
अखिलावतारा तव शरणम् ।।
अनंतकोटि ब्रम्हांडनायका  अघटित घटना तव शरणम् ।।१६।।

भक्तोद्धारा तव शरणम् । भक्तरक्षका तव शरणम् ।।
भक्तानुग्रह गुरुभक्तप्रिया । पतितोद्धारा तव शरणम् ।।१७।।

।। श्री गुरुदेव दत्त ।।